I AM NOT THE BEST, BUT I AM NOT THE REST.

Thursday, March 17, 2016

Success Tips

Success Tips

तो आइये जानते हैं उन तीन ज़रूरी बातों को जो हमें सफलता दिला सकती हैं :
पहली बात:  1 line का लक्ष्य बनाएं

सफलता क्या है?

अपने लक्ष्य को पाना ही सफलता है. इसलिए अगर सफल होना है तो पहले आपको अपना एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा.

5 साल पहले जब मैंने AKC शुरू किया था तभी मैंने तय कर लिया था कि एक दिन मैं अच्छीखबर पर “१ लाख पेज व्यूज पर डे” का goal achieve करूँगा और उसी को अपनी सफलता मानूंगा, and it happened!

सफलता पाने के लिए सबसे पहला step यही है की आप clearly define करिये कि आपके लिए सफलता का मतलब क्या है ?

कई बार लोग कहते हैं, “ I want to be a successful person?” पर उनके दिमाग में इस बात की clarity नहीं होती कि successful person होने का मतलब क्या है ?

हो सकता है आपके लिए इसका मतलब हो – “ एक अच्छा सा घर…अच्छी सी नौकरी…अच्छी सी family…” but ये success की बहुत generalized definition हुई…. कौन जानता है किसके लिए क्या “अच्छा ” है. इसलिए आप अपने लिए Success की एक clear cut and concise definition तैयार करिए…ऐसी definition जिसे आप बार -बार अपने दिमाग में repeat कर सकें, जिसे बोलते ही आपकी आँखों में चमक आ जाये जो आपको एक challenge के साथ- साथ एक achievement का भी एहसास करा सके.

For example:

5 साल पहले मेरे लिए ये definition थी —“ 1 lac page views per day”, 1 lac page views achieve करने से पहले ये छोटी सी line मैं हज़ारों बार लिख, सोच और महसूस कर चुका था और जब मैंने इसे पा लिया है तो अब अपने अगले लक्ष्य की और बढ़ रहा हूँ…वो क्या है इसके बारे में फिर कभी बात होगी. :)

आपको भी अपने लिए success को एक line में define करना होगा…ये कुछ भी हो सकता है —

For example: अगर Vijay Kumar को IAS officer बनना  है तो वो एक लाइन में अपना गोल बना सकता है –“ VIJAY KUMAR IAS OFFICER”

अगर उसे IIT में जाना है….” VIJAY KUMAR IITIAN”

अगर किसी को बहुत बड़ा Dancer बनना है -“दिल्ली का नंबर १ डांसर” etc.

Goal define करते समय इन बातों का ध्यान रखें :

Goal बड़ा बनाएं! कितना बड़ा ? उतना बड़ा जितना आप सोच सकते हैं और जिसे आप दिलो दिमाग से accept कर सकते हैं की हाँ अगर आप अपनी पूरी ताकत झोंक दें तो आप उस लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं!

For instance: कोई लक्ष्य बना सकता है “ मुझे दुनिया का सबसे अमीर आदमी बनना है ” अगर वो इसे दिलो-जान से believe कर पा रहा है तो well and good लेकिन अगर नहीं कर पा रहा है तो उससे बेहतर होगा, “मुझे 10 करोड़ रूपये कमाने हैं ”

What I mean to say is कि आपका लक्ष्य आपको motivate करने वाला हो…वो ऐसा न हो कि उसे बोलते ही अंदर से आवाज़ आये…..” ये कहाँ हो पायेगा…” बल्कि उसे बोलते ही आप charged up महसूस करें…कि हाँ यही वो चीज है जो मुझे किसी भी कीमत पर चाहिए….YES यही करना है मुझे!

एक बात और जो ध्यान देने वाली है कि आपको “Goal” बनाना है “ Goals” नहीं. हो सकता है कुछ लोग इस बात से agree न करें पर मेरा मानना है की एक समय में आप सिर्फ और सिर्फ एक GOAL बनाइये. ख़ास तौर से वो लोग जो पहली बार किसी बड़ी सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं…उन्हें goals के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए और सिर्फ और सिर्फ एक goal बनाना चाहिए. अगर आप अलग-अलग गोल्स को लेकर दुविधा में हैं तो उस एक गोल को चुनें जो आपकी life पर सबसे अधिक positive impact डाले, और फिर अपनी पूरी उर्जा उसी एक गोल को पाने में लगा दें!

बहुत पहले Goal से related मैंने एक पोस्ट लिखी थी – “जीवन में लक्ष्य का होना ज़रूरी क्यों है ?“. चाहें तो आप इसे पढ़ सकते हैं.
दूसरी बात: Focussed Hard Work करें

Goal बनाने के बाद दूसरा step है उस Goal पर focussed रहना और उसे achieve करने के लिए कड़ी मेहनत करना.

किसी चीज पर focussed रहने का क्या मतलब है ?

इस बात को समझाने के लिए मैं हमेशा Swami Vivekanand जी की कही ये बात quote करता हूँ –

    एक idea लो. उस idea को अपनी life बना लो – उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो, उस idea को जियो. अपने दिमाग, muscles, nerves, शरीर के हर हिस्से को उस आईडिया में डूब जाने दो, और बाकी सभी ideas को किनारे रख दो. यही सफल होने का तरीका है, यही वो तरीका है जिससे महान लोग निर्मित होते हैं.

Friends, ज्यादातर लोग life में इसलिए असलफल नही रह जाते क्योंकि उनके अंदर सफल होने की काबिलियत नहीं होती बल्कि वे इसलिए असफल हो जाते हैं क्योंकि वे लम्बे समय तक एक ही लक्ष्य पर अपना ध्यान नहीं लगा पाते.

अगर आपको सफल होना है तो आपको Focussed हो कर अपने goals का पीछा करना होगा…रास्ते में तमाम नयी opportunities आपको distract करने की कोशिश करेंगी…कोई business plan समझायेगा, तो कोई आपको जल्दी से अमीर बनने का रास्ता दिखायेगा … तो कोई अच्छी नौकरी का offer देगा….पर आपको इन सबको ठुकराना है.

जब मैं AKC पे काम कर रहा था तो इस बीच मैंने कई दूसरी opportunities छोड़ीं… which included a very good job offer, विदेश जाने का मौका, etc. हो सकता है आपको लगे कि मेरे लिए ये सब miss करना कठिन रहा होगा…but frankly ये बहुत आसान था….जब आप अपने लक्ष्य को लेकर passionate होते हैं तो बाकि सब बेकार लगता है और उन्हें छोड़ना या हाथ से जाने देना बहुत आसान होता है!

दोस्तों, चाहे जितनी भी distractions आ जाएं आपको सिर्फ और सिर्फ अपना लक्ष्य प्राप्त करना है और कुछ नहीं! फिर दूसरी चीजें चाहे कितनी भी attractive हों, उसमे कितना ही पैसा हो…कितनी ही शौहरत हो….नहीं चाहिए….मुझे अपनी life में सिर्फ और सिर्फ एक चीज चाहिए……मेरा लक्ष्य और कुछ नहीं!

और ये लक्ष्य मिलेगा कड़ी मेहनत से…. बहुत से लोग SMART work की बात करते हैं…but don’t confuse it with Easy Work…. SMART work actually means…कि आप Hard work smartly करते हैं.

Light bulb के inventor Edison ने सौ साल पहले कहा था —

    There is no substitute for hard work. / कठोर परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है.

और यकीन जानिये अभी तक इसका कोई विकल्प नहीं मिल पाया है!

इसलिए अगर आपको अपना लक्ष्य प्राप्त करना है तो कड़ी मेहनत करनी होगी…लगातार…हर रोज…जब तक आपका लक्ष्य न मिल जाए!

आपको time wasters को किनारे करना होगा…mobile switch off करना होगा… facebook signout करना होगा, whatsapp disable करना होगा…दोस्तों को… family members को “ना” करना सीखना होगा…आपको सुबह जल्दी उठना होगा या रात को देर तक काम करना होगा…आपको अपना हर लम्हा लक्ष्य को पाने में लगाना होगा and believe me जब आप ऐसा करेंगे तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी आपको achievable लगने लगेगा!

आज तक जितने भी achievers हुए हैं-

महात्मा गांधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक
अमिताभ बच्चन से लेकर सचिन तेंदुलकर तक
सानिया से लेकर साइना तक….

हर किसी ने बड़ी मेहनत की है हर किसी ने कड़ी मेहनत की है….success की लड़ाई में कड़ी मेहनत ही आपका ब्रह्मास्त्र है..इसकी ताकत के आगे पहाड़ों तक को झुकना पड़ता है….इसका इस्तेमाल करिये…सारे challenges…सारी अड़चने… सारी बाधाओं को अपने सामने झुका  दीजिये और सफलता को अपनी मुट्ठी में भर लीजिये!

आप Focus पे लिखी मेरी ये पोस्ट भी पढ़ सकते हैं : सफलता के लिए ज़रूरी है Focus!
तीसरी और आखिरी बात: Enthusiasm बनाये रखें

आप अपने goal को लेकर clear हैं…आप focussed hard work भी कर रहे हैं पर एक चीज और है जो success पाने के लिए मुझे बेहद ज़रूरी लगती है…
और वो चीज है एन्थुजीऐजम…यानि जोश या उत्साह.

यहाँ जोश का मतलब नाचना – गाना या super excited होकर अपनी emotions show करना नहीं है…जोश का मतलब internally charged up होने से है…
इसका मतलब अपने goal को लेकर अंदर से अच्छा feel करने से है…अपने efforts को लेकर उत्साहित रहने से है…जब आदमी जोश में काम कर रहा होता है तो वो extra efforts डालने के लिए तैयार रहता है…वो अपने लक्ष्य को पाने के लिए अनदेखे रास्तों पर चलने को तैयार रहता है, वो सिर्फ conventional wisdom पर नही चलता बल्कि नए innovative तरीकों को अपनाने के लिए भी ready रहता है…उसका दिमाग सोचता रहता है कि मैं कैसे अपने mission को possible बना सकता हूँ… मैं कैसे अपने dreams को reality में convert कर सकता हूँ!

Ralph Waldo Emerson ने कहा है-

    Nothing great was ever achieved without enthusiasm. / बिना उत्साह के कभी कोई महान उपलब्धि हासिल नहीं की गयी है.

इसलिए अपने लक्ष्य को लेकर अक्सर उत्साहित रहे.. अक्सर इसलिए क्योंकि हमेशा ऐसा होना practical नहीं है, ना चाहते हुए भी situations circumstances आपका एनर्जी लेवल, आपका मोराल डाउन कर सकते हैं… that’s ok… ये सबके साथ होता है. बस ज़रूरत ये है कि आप फिर से उसी उत्साह उसी मोराल को वापस पा लें…और ऐसा करना तब थोड़ा आसान होगा जब आप अपना लक्ष्य ये देखकर नहीं बनाएं कि और लोग आपसे क्या चाहते हैं बल्कि ये सोचकर बनाएं कि आप खुद से अपने लिए क्या चाहते हैं!

इसके अलावा अपना उत्साह बरकरार रखने के लिए आप motivational books, videos और blogs का सहारा भी ले सकते हैं…आप कुछ mini-milestones decide कर सकते हैं और उसे अचीव करने पर celebrate कर सकते हैं…जो भी करें… जैसे भी करें पर अपना enthusiasm बनाये रखें… ऐसा करना बिना थके आपको आपके लक्ष्य के करीब पहुंचा देगा!

अंत में एक और चीज जो मैं गोल के बारे में कहना चाहता हूँ, वो ये कि अकसर Goal को Time Bound बनाने की सलाह दी जाती है, बहुत से cases में ये सही भी है…पर मुझे लगता है कि life के सबसे ज़रूरी goals को समय से नहीं बाँधा जाना चाहिए…बल्कि उनका रिश्ता आपके उत्साह के साथ होना चाहिए!

ये मायने नहीं रखता की लक्ष्य का पीछा करते हुए 1 साल बीता…दो साल बीता या दस साल बीता…अगर उत्साह ज़िंदा है तो लक्ष्य को पाने की मेरी लड़ाई ज़िंदा है…..और जब तक मेरी लड़ाई ज़िंदा है तब तक मैं जीत सकता हूँ ….

मैं रुकुंगा नहीं मैं झुकूंगा नहीं…
लड़खड़ाउं-गिरुं पर थमूंगा नहीं…
है जोश मुझमें मैं चलता रहूँगा…
जो है लक्ष्य मेरा मैं पाकर रहूँगा…

High Blood Pressure

उच्च रक्तचाप या High Blood Pressure (Hypertension) से जुड़े सवालों के जवाब !
आज दुनिया में भारत सबसे युवा देश है। भारत की लगभग 65% जनसँख्या की उम्र 35 या उससे कम हैं।भारत इतना युवा देश होने के बाद सबसे स्वस्थ देश होना चाहिए था पर असल में तस्वीर कुछ और ही हैं। युवाओं में बढ़ने वाला तनाव और मोटापे की समस्या के कारण 20 से 25 वर्ष के आयु में ही डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्या निर्माण हो रही हैं।
आज इस लेख में हम उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब दे रहे हैं।

1. उच्च रक्तचाप या High Blood Pressure / Hypertension किसे कहते हैं ?

हमारे शरीर में रक्त, रक्त नलिकाओं में बहते समय रक्त नलिकाओं के दिवार पर जो दबाव निर्माण करता है उसे रक्तचाप या ब्लड प्रेशर कहा जाता हैं। सामान्यतः एक युवा स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg रहता हैं। अगर यह दबाव लगातार 140/90 mmHg या उससे अधिक रहता है तो उसे उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता हैं। समय पर हाई ब्लड प्रेशर का ईलाज न कराने से इस कारण ह्रदय रोग, स्ट्रोक और किडनी रोग जैसे गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं।

2. ब्लड प्रेशर हमेशा दो अंकों में क्यों लिखा जाता हैं ? उनका क्या मतलब होता हैं ?

ब्लड प्रेशर की जांच करते समय दो घटनाये महत्वपूर्ण होती है और उन्ही दो घटनाओ के समय के दबाव को ब्लड प्रेशर में लिखे जाता हैं।
Systolic Blood Pressure : इसे सामान्य भाषा में ऊपर का रक्तचाप कहा जाता हैं। जब आपका ह्रदय धड़कता है तब रक्तनलिका में कितना दबाव निर्माण होता है यह इससे पता चलता हैं।
Diastolic Blood Pressure : इसे सामान्य भाषा में निचे का रक्तचाप कहा जाता हैं। जब आपका ह्रदय / दिल / Heart धड़कने के बाद शिथिल / relax होता है तब रक्तनलिकाओं में कितना दबाव रहता है यह इससे पता चलता हैं।

3. डॉक्टर के पास जाकर या घर पर ब्लड प्रेशर की जांच करते समय ब्लड प्रेशर सही आने के लिए मैंने किन बातों का ख्याल रखना चाहिए ?
ब्लड प्रेशर की जांच करना यह एक बेहद आसान और दर्दरहित प्रक्रिया है। आपका ब्लड प्रेशर सही तरह से मापा जाये इसके लिए आपने कुछ बातों का ख्याल रखना जरुरी हैं।
ब्लड प्रेशर की जांच करने से 30 मिनिट पहले तक कॉफी और धूम्रपान का सेवन न करे।
ब्लड प्रेशर गिनने के पहले अगर पेशाब लगी हो तो पेशाब करने के बाद ब्लड प्रेशर की जांच करे। अन्यथा ब्लड प्रेशर ज्यादा भी आ सकता हैं।

5 मिनिट शांत बैठने के बाद ही ब्लड प्रेशर की जांच करे। 
ब्लड प्रेशर गिनते समय किसी प्रकार के तनाव या चिंता में न रहे। अक्सर कुछ व्यक्तिओ का ब्लड प्रेशर डॉक्टर के केबिन में जाने के बाद बढ़ जाता हैं।
हमेशा 3 बार ब्लड प्रेशर की जांच करे और उनका औसत निकाले।
अगर एक हाथ में ब्लड प्रेशर सामान्य आता है तो दूसरे हाथ में भी ब्लड प्रेशर गिने और जिस हाथ में अधिक ब्लड प्रेशर आता है उस हाथ में ही आगे से ब्लड प्रेशर की जांच करे।
अगर आपको कोई दवा शुरू है तो उसकी जानकारी डॉक्टर को देना चाहिए। ऐसी कुछ दवाए है जिनको लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना रहती हैं।
ब्लड प्रेशर की जांच होने के बाद उसको अपने पास किसी कार्ड या किताब में तारीख, समय और स्तिथि (खड़े, लेटकर या बैठकर) के साथ लिखकर रिकॉर्ड बनाना चाहिए।

4. क्या मुझे हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी हो सकती हैं ?
उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी किसी भी व्यक्ति को हो सकती हैं। कुछ ऐसी बातें है जिनकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना अधिक होती है, जैसे की -
मोटापा
अधिक नमक या सोडियम युक्त आहार का सेवन करना
फल और सब्जियों से मिलनेवाला पोटैशियम का कम सेवन करना
व्यायाम का अभाव या आलस्य
अधिक शराब पीना या धूम्रपान करना
मधुमेह होना
आपके घर में किसी को हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी होना

5. मैं अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में कैसे रख सकता हूँ ?
अगर आपका ब्लड प्रेशर बेहद ज्यादा है तो उसे नियंत्रण में लाने के लिए डॉक्टर आवश्यकता अनुसार अलग-अलग दवा का इस्तेमाल करते हैं। दवा के साथ आप आहार, व्यायाम और योग की मदत से अपने ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रख सकते हैं।
अपने वजन को नियंत्रण में रखे।
रोजाना अपने क्षमतानुसार व्यायाम करे।
योग विशेषज्ञ की सलाहनुसार योग और प्राणायाम करे।
समतोल आहार ले। आहार में नमक और सोडियम युक्त पदार्थों का प्रमाण अल्प रखे।
शराब और धूम्रपान न करे।
अगर आप मधुमेह के रोगी है तो अपनी ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखे।
अधिक समय तक बैठे न रहे और क्रियाशील रहे।
डॉक्टर की दी हुई दवा समय पर लेते रहे।

6. कौन सा ब्लड प्रेशर खतरनाक होता हैं ?
Systolic Blood Pressure (ऊपर का) और Diastolic Blood Pressure (निचे का) यह दोनों ही ब्लड प्रेशर का बढ़ना समान रूप से खतरनाक होते हैं। यह धारणा गलत है की केवल Diastolic Blood Pressure (निचे का) ही खतरनाक होता हैं। विशेष कर 50 वर्ष के ऊपर के व्यक्तिओं में Systolic Blood Pressure (ऊपर का) अधिक महत्वपूर्ण होता हैं।

7. मेरा ब्लड प्रेशर बढ़ने पर मुझे क्या लक्षण नजर आ सकते हैं ?
ब्लड प्रेशर बढ़ने के कोई विशेष लक्षण नहीं होते हैं और इसीलिए इसे शांत कातिल या Silent Killer भी कहा जाता हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने से न तो चक्कर आते, न सरदर्द होता है और ना ही नाक से खून निकलता हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने पर कोई विशेष लक्षण नजर नहीं आता है इसलिए कोई तकलीफ न होने पर भी वर्ष में एक बार अपने डॉक्टर के पास जाकर अपना ब्लड प्रेशर की जांच अवश्य करना चाहिए। अगर आपको ब्लड प्रेशर की बीमारी है तो डॉक्टर की सलाहनुसार दिए हुए समय पर नियमित जांच करते रहना चाहिए।

8. हाई ब्लड प्रेशर के क्या दुष्परिणाम हैं ?
लंबे समय तक ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में न रखने पर शरीर पर निचे दिए हुए गंभीर परिणाम हो सकते हैं :
रक्तनलिका में चर्बी जमना / Artherosclerosis : किसी प्रकार का कोई परिश्रम या व्यायाम न करना और साथ ही अधिक चर्बी युक्त आहार का सेवन करने से रक्त नलिकाओं में खून का थक्का या चर्बी जमना शुरू हो जाता हैं। हाई ब्लड प्रेशर के दबाव के कारण यह समस्या अधिक गंभीर हो जाती हैं।
ह्रदय रोग / Heart Disease : उच्च रक्तचाप के कारण ह्रदय कमजोर होना (Heart Failure), ह्रदय को पर्याप्त रक्त न मिलना (Ischemic Heart Disease) और ह्रदय का आकार बढ़ना जैसे गंभीर विकार निर्माण होने का खतरा रहता हैं।
गुर्दे के रोग / Kidney Disease : हाई ब्लड प्रेशर के कारण किडनी के अंदर की सूक्ष्म रक्त नलिकाए और रक्त को अशुद्धता साफ़ करनेवाले फ़िल्टर में खराबी आने से गंभीर किडनी विकार निर्माण हो सकते हैं।
आघात / Stroke : हाई ब्लड प्रेशर के कारण दिमाग के रक्त नलिकाओं में रक्त का थक्का ज़मने से दिमाग की किसी हिस्से को रक्त न मिलने से या उच्च ब्लड प्रेशर के दबाव से कोई रक्त नलिका के फटने से होनेवाले रक्तस्त्राव के कारण आघात / Brain stroke जैसे गंभीर स्तिथि निर्माण हो सकती हैं।
आँखों की समस्या / Eye Disease : हाई ब्लड प्रेशर के दबाव के कारन आँखों में रेटिना की सूक्ष्म रक्तवाहिनी को क्षति पहुचने से आँखों की रौशनी भी जा सकती हैं।

9. हाई ब्लड प्रेशर होने पर मुझे किस तरह का आहार लेना चाहिए ?
हाई ब्लड प्रेशर होने पर डॉक्टर आपको DASH आहार लेने की सलाह देते हैं। DASH का मतलब होता हैं Dietary Approach to Stop Hypertension यानि ऐसा आहार लेना जिससे की उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सके। DASH में इन बातों का महत्व होता हैं :
आहार में फल, हरी पत्तेदार सब्जियों और कम फैट युक्त दुग्धजन्य आहार का अधिक समावेश करना।
आहार में अधिक saturated fat और cholesterol वाले पदार्थों का कम उपयोग करना। 
आहार में साबुत अनाज का अधिक उपयोग करना।
मिठाई और लाल मांस का कम प्रयोग करना।
आहार में मैग्नीशियम, पोटैशियम और कैल्शियम युक्त आहार का अधिक समावेश करना।
सोडियम युक्त आहार का कम समावेश करना।

10. मेरा ब्लड प्रेशर अब सामान्य हो गया है। क्या मैं अब दवा लेना बंद कर सकता हूँ।
हाई ब्लड प्रेशर के ज्यादातर मरीज यही गलती करते हैं। जिस तरह डायबिटीज के रोगियों में दवा लेकर ब्लड शुगर नियंत्रण में आने पर भी दवा लेना जरुरी होता है ठीक उसी तरह ब्लड प्रेशर नियंत्रण में आने पर भी दवा लेना जरुरी होता हैं। जब आप कोई दवा लेते हैं तो उस दवा के प्रकार के अनुसार उस दवा का असर रक्त में 12 से लेकर 72 घंटों तक रहता हैं, इसलिए कई बार दवा न लेने के बाद भी ब्लड प्रेशर के रोगियों में ब्लड प्रेशर सामान्य आ सकता हैं। कभी भी अपने मन से दवा बंद नहीं करनी चाहिए। आपकी दवा की मात्रा बढ़ाना, कम करना या बंद करने का फैसला डॉक्टर ही ले सकते हैं। अचानक दवा बंद करने के कारण कुछ समय बाद ब्लड प्रेशर काफी ज्यादा बढ़ने से दिमाग की छोटी नस फटने से लकवा भी हो सकता हैं।